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बच्चे ऐसे भी होते है

कोई इन बच्चे और युवाओं से सीखे इंसानियत,गर्मी और लू के कारण बिगड़ी बंदर की तबीयत नीचे गिरा,बच्चो ने उठाकर पिलाया पानी,ईश्वर ने लौटाई जिंदगी

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29 May '24
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मध्यप्रदेश का राजगढ़ जिला नौतापा के  इन दिनों में 45 डिग्री के तापमान को पार कर रहा है,एक तरफ जहां कूलर पंखे भी दम तोड़ रहे है वही आमजन के साथ साथ जानवरों का भी हाल बेहाल है,लेकिन इस भीषण गर्मी के दिनों में भी जिले के छायन गांव से ग्रामीण बच्चो और युवाओं की एक पॉजिटिव तस्वीर निकलकर सामने आई है।

दरअसल दिन के समय में चल रही गर्म हवाओं वा लू की चपेट में आने से एक बंदर की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वो नीचे गिर गया,जिसे उठाकर पानी पिलाते हुए ग्रामीण बच्चो के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे है,और आमजन अपनी अलग अलग प्रतिक्रिया देते हुए नजर आ रहे है।

 

जानकारी के मुताबिक उक्त  वीडियो राजगढ़ जिले की पचोर तहसील के अंतर्गत आने वाले छायन गांव का है,जिसमे सोमवार की दोपहर के समय में गर्मी और लू की चपेट में आने से एक बंदर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वो नीचे जमीन पर अधमरी हालत में गिर गया,ऐसे में गांव के ग्रामीण बच्चे और युवाओं की नजर जब उस बंदर पर पढ़ी तो इंसानियत का फर्ज निभाते हुए युवाओं और बच्चो ने बंदर को उठाया और उसे पानी पिलाया,जैसे तैसे उसकी हालत में सुधार हुआ और उसकी जान बच गई,बच्चो की इस इंसानियत का वीडियो समाजसेवी जगदीश धाकड़ ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया,जिसके पश्चात से बच्चे और युवाओं की इंसानियत की चर्चा सम्पूर्ण जिले में हो रही है।


समाजसेवी जगदीश धाकड़ बताते है की, बुरा वक्त कभी भी किसी के साथ भी आ सकता है,चाहे वह किसी भी धर्म या मजहब से ताल्लुक रखता हो,ईश्वर ने हृदय सभी को दिया है,फिर चाहे वह इंसान हो या जानवर सबके साथ मानवता दिखानी चाहिए,उक्त बच्चे और युवा  मानवता की एक मिसाल है।

Category:News


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Written by Abdul Wasim Ansari

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