आदिवासी छात्राओं से रेप का आरोप

एमपी के सीधी जिले में टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल,महिला की आवाज में आदिवासी छात्राओ को सुनसान जगह बुलाकर किया रेप,4 आरोपी गिरफ्तार

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26 May '24
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मध्यप्रदेश के सीधी में कई आदिवासी छात्राओं के साथ स्कालरशिप दिलाने के नाम पर रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है,जिसके बाद भोपाल तक राजनीति गर्मा गई,आरोपी इन आदिवासी छात्राओं को आवाज बदलने वाले मोबाइल एप के माध्यम से महिला की आवाज में बात करते थे, फिर उन्हे अपने पास बुलाकर उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाते थे, और इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो इसलिए आरोपी लड़कियों का मोबाइल भी अपने पास रख लेते थे, पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरिफ्तार करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया है।

दरअसल यह पूरा मामला सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है ,जहां पर अनुसूचित जनजाति की लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। जहां पर वाइस बदलने  वाले  ऐप के जरिए लड़की की आवाज बदलकर स्कालरशिप दिलाने के नाम पर पहले उन्हे अपने झांसे में लिया जाता था, और फिर बारी-बारी से छात्राओं के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया जाता था, आरोपी इतने शातिर थे की वो स्कूल की लेडी टीचर रंजना मैडम के नाम से स्कॉलरशिप दिलाने के लिए लड़कियों को पहले फोन किया करते थे उसके बाद सुनसान जगह पर लड़की को बारी-बारी से बुलाया जाता था और फिर उन्हे अपना शिकार बनाते थे।

पीड़ित 4 छात्राओं ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में की थी ,जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरु की और 4 आरोपियों को गिरिफ्तार कर लिया और उनसे कड़ाई से पूछताछ के बाद इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है, शनिवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया गया।


रीवा जोन के आईजी महेंद्र सिंह सिकरवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, मुख्य आरोपी बृजेश प्रजापति और उसके साथी राहुल प्रजापति और संदीप प्रजापति और लवकुश प्रजापति को पुलिस ने पकड़ लिया है, साथ ही वैधानिक रूप से कार्रवाई की जा रही है, और पूछताछ भी की जा रही है। आरोपियों ने 7 छात्राओं के साथ दुष्कर्म की घटना को कबूला है जिसमे से चार छात्राओं ने मझौली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।


वही उक्त मामले के सामने आने के पश्चात राजनीति भी गरमा गई है,मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उक्त मामले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरा है उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि,सीधी ज़िले में स्कॉलरशिप का झाँसा देकर सात आदिवासी छात्राओं से बलात्कार का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है।पुलिस का कहना है कि और भी लड़कियाँ इसका शिकार हो सकती हैं अर्थात बलात्कार पीड़ित आदिवासी लड़कियों की संख्या 7 से अधिक भी हो सकती है। देश अब तक भूला नहीं है कि इसी सीधी ज़िले में एक आदिवासी युवक के सिर पर भाजपा के नेता ने पेशाब की थी। 
क्या मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय की लड़कियाँ निर्भय होकर कॉलेज में पढ़ाई भी नहीं कर सकतीं? ऐसे हालात में "बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ" के नारे का क्या अर्थ रह जाता है?

मध्य प्रदेश पहले ही आदिवासी अत्याचार और महिलाओं पर अत्याचार में नंबर वन है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार का समाचार सामने न आता हो।मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूँ कि सभी पीड़ित छात्राओं को समुचित आर्थिक सहायता दी जाए। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जाए। बेटियों से अत्याचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख़्शा जाए?


वही उक्त मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी तुरंत ही कढ़ा रुख इख्तियार करते हुए सोशल मीडिया X पर लिखा कि,सीधी जिले के मझौली थाना में आदिवासी छात्राओं से स्कॉलरशिप देने का लालच देकर गलत कार्य करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऐसा निंदनीय कार्य करने वाले समाज के दुश्मन हैं, आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

इस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने और ठोस साक्ष्य संकलित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। जो संपूर्ण तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा।

 

Category:News



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Written by Abdul Wasim Ansari

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